Tuesday, October 20th, 2026

सूचना आयोग का फरमान, आरटीआई में देना होगा PF, सर्विस टैक्स, ESIC की जानकारी

भोपाल
विभागीय कार्यो के लिए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं लेने वाले सरकारी महकमों के अफसर अब इन कर्मचारियों के ईपीएफ,सर्विस टैक्स,ईएसआईसी की जानकारी सूचना के अधिकार में देने से यह कहकर नहीं बच सकेंगे कि ये आउटसोर्सिंग कंपनियों के कर्मचारी है और इनका कोई हिसाब उनके पास नहीं है। जीएडी ने सभी विभागों को यह फरमान जारी किया है कि विभाग आउटसोर्सिंग कंपनियों से कर्मचारियों से जुड़ी सारीजानकारी लेकर अपने पास भी संधारित करे और मांगे जाने पर खुद उपलब्ध कराए।

प्रदेश के सभी बड़े सरकारी महकमे नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उर्जा विभाग, लोक निर्माण विभाग, पीएचई, जलसंसाधन, परिवहन विभागों में बड़ी संख्या में आउटसोर्सिंग पर निजी कंपनियों के जरिए कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही है। राज्य सरकार इन कर्मचारियों के लिए वेतन के अलावा सर्विस टैक्स, ईपीएफ, ईएसआईसी का भी भुगतान करती है। अधिकांश निजी कंपनियां सरकार से तो यह राशियां ले लेती है लेकिन कर्मचारियों के खातों में ये राशियां जमा नहीं कराई जाती। इसको लेकर ये कर्मचारी न्यायायालय जाते है। सूचना के अधिकार अधिनियम में अपने वेतन-भत्तों की पूरी जानकारी मांगते है। लेकिन सरकारी विभाग यह कहकर पल्ला झाड़ लेते है कि ये उनके कर्मचारी नहीं है इसलिए इनकी जानकारी आउटसोर्सिंग कंपनी के पास होगी। विभागों ने तो केवल इनकी सेवाएं ली है।

 राज्य सूचना आयोग में कृषि विभाग में आउटसोर्सिग से डाटा एंट्री आपरेटर के पद पर काम करने वाले अनूप आर्य ने  नौकरी छोड़ने के बाद जब ईपीएफ और अन्य कटौतियों की जानकारी कृषि संचालक से मांगी तो उन्होंने यह कहकर जानकारी नहीं दी कि यह सारी जानकारी आउटसोर्सिंग कंपनी के पास रहती है उनके पास इसकी कोई जानकारी नहीं है।  अनूप का कहना था कि उनके वेतन और कटौतियों के हिसाब में भारी हेराफेरी की गई है और इसीलिए यह जानकारी उन्हें नहीं दी जा रही है। आयोग ने माना कि जहां कर्मचारी काम करता है उस संस्थान को यह सारी जानकारी रखनाचाहिए और कर्मचारियों को देना चाहिए।  जानकारी नहीं देने पर कृषि संचालक को दस हजार रुपए क्षतिपूर्ति देने के आदेश आयोग ने जारी किए।

आयोग ने सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव को भी इस आदेश की प्रति भेजते हुए कहा कि जिस विभाग में कर्मचारी काम कर रहा है वहां उससे जुड़ी सारी जानकारी संधारित की जाना चाहिए।  आयोग की अनुशंसा पर जीएडी ने सभी विभागों को फरमान जारी किया है कि वे आउटसोर्सिंग कंपनी से कर्मचारी के वेतन और कटौतियों की सारी जानकारी स्वयं प्राप्त करे और संधारित करे। किसी भी कर्मचारी को यह जानकारी मांगे जाने पर उपलब्ध कराना होगा।

 

#सूचना#PF#सर्विस टैक्स#ESIC

Source : Agency

पाठको की राय